हाँ; “हम आजाद हैं” हड़ताल करने के लिए (भारत माता की जय बोल कर तोड़-फोड़ करने के लिए)
हाँ; “हम आजाद हैं” सरकारी सेवा में रह कर सरकार को ही गाली देने के लिए।
हाँ; “हम आजाद हैं” सरकार से वेतन लेते हुए ऊपरी कमाई करने के लिए।
हाँ; “हम आजाद हैं” नेताओं-पार्टियों की हाँ में हाँ मिलाने के लिए।( उनके कार्यकर्त्ता बन कर)
हाँ; “हम आजाद हैं” चुनावों में वोट न देने के लिए (फ़िर भी सरकार को दोष देने के लिए)
हाँ; “हम आजाद हैं” नेता बनने के लिए चाहे खूनी-अपराधी क्यों न हों।
हाँ; “हम आजाद हैं” अंग्रेजी में शिक्षा लेकर भारतीयता को हेय समझने के लिए(गरियाने को)।
हाँ; “हम आजाद हैं” कानून तोड़ने के लिए, नेता-अधिकारी या उनके रिश्तेदार हों तो।
हाँ; “हम आजाद हैं” अदालतों में मामले लटकाने के लिए।( वकील बनकर)।
हाँ; “हम आजाद हैं” फिल्मों के नाम पर अश्लीलता दिखने को।
हाँ; “हम आजाद हैं” अभिव्यक्ति को अभिव्यक्त करने के लिए(चाहे अपने महापुरुषों को ही गाली दें)
हाँ; “हम आजाद हैं” कहीं पर भी लघु-शंकादी या खंखार के थूकने के लिए।
हाँ; “हम आजाद हैं” आम आदमी के रूप में सब कुछ सहते जाने के लिए।
और केवल हम ही क्यों हमारे यहाँ आकर विदेशी, और विदेशी कम्पनियां भी आजाद हो जाती हैं
कीटनाशक मिले पेय बेचने के लिए , हानिकारक दवाएं, खाद्य-पदार्थ व अन्य सामान मनमाने मूल्यों
पर बेचने के लिए।
जब हम गुलाम थे तब हमें इतनी आजादी कहाँ थी।
शायद कुछ ज्यादा ही आजाद हो गए हैं। इसलिए हर चीज आजादी के साथ करते-कहते हैं।
ReplyDeleteगलत काम को करने के लिए कुछ ज्यादा ही आजाद हैं लोग
ReplyDeleteमेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति
सही है ... आजादी का गलत प्रयोग करते हैं हम ।
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