भाजपा भी आई मीडिया के उकसावे में,
जिसे चाहे उबार दे ,जिसे चाहे डूबा दे ,
ऐसा करके दिखा दे । ऐसी ताकत भारतीय मीडिया ने बना ली है। क्यों…?
क्योंकि भारत के लोग सही-ग़लत सोचने में अपना दिमाग इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
आजकल ये भाजपा के पीछे पड़ा है ,इनके उकसाने पर भाजपा के नेता अपनी जड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं । बिना सोचे –समझे और विचार किए जिन बातों के विरोध में वह अपने वरिष्ठ नेताओं का निष्कासन कर रहे हैं
उन बातों की विवेचना अभी तक केवल मीडिया ने की है। मीडिया किसी भी बात के अर्थ का अनर्थ बना सकता है। ये सभी जानते हैं फ़िर भी ये उसकी बातों में आ रहे हैं ,लगता है एक राजनितिक पार्टी ख़त्म होने के लिए फड़फड़ा रही है। अब अरुण शौरी की बारी है ।