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Saturday, December 5, 2009

वाह क्या चित्र है


ये चित्र जो आपको दिखाई दे रहा है एक समाचार पत्र में छपा है, मुख पृष्ठ पर, कियह गाँधी फ़िल्म का हीरो है अपनी पत्नी के साथ ताज के आगे भाव पूर्ण मुद्रा में”। चित्र लेने वाले ने बहुत मेहनत की होगी छापने वाले ने भी अच्छी जगह चुनी छापने के लिए,पर क्या ये इसी तरह का चित्र स्वयं अपनी पत्नी के साथ, या इनकी कोई निकट सम्बन्धी अपने पति के साथ, खुलेआम खिंचवा सकते हैं...? या ये चित्र लेने वाले ले सकते हैं,या छापने वाले छाप सकते हैं ?

जिस कार्य को स्वयं करने में शर्मिंदगी अनुभव हो(भारतीय संस्कारों के कारण) हम अपने सम्बन्धियों को भी नहीं करने दे सकते, उसे समाचार पत्र के मुख पृष्ठ पर छाप कर आख़िर समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं

1 comment:

  1. अखबार वालों को आजकल कुछ मैटर ही नहीं मिलता है। क्या करें, बेचारे?
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    अदभुत है मानव शरीर।
    गोमुख नहीं रहेगा, तो गंगा कहाँ बचेगी ?

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