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Saturday, June 13, 2009

संभावनाएं

सदियों से राजवंश की परम्परा को मानने वाली
प्रजा को जैसे अपना राजा (माई-बाप)
मीडिया घोषित “युवराज”में मिल ही गया । अन्नदाता,हुजुर,महाराजधिराज नरेश बोलने के जींश
भारतीयों के खून में पिछले कुछ समय से कुलबुला
रहे थे ,अब उस कुलबुलाहट को शांत करने का समय आ गया है, संभवत:अगले प्रधानमंत्री के रूप में युवराज का राज्याभिषेक हो जाए । मीडिया के अनुसार पिचासी प्रतिशत जनता चाहती है।
और ये कुव्वत फिलहाल केवल कांग्रेस में ही दिखाई
दे रही है। बड़े-छोटे कोई भी हों माई-बाप बोलने में नहीं हिचकेंगे।
जैसा राजे-रजवाड़ों में हुआ करता था । अच्छा भी है देश को अपनी परम्पराओं के साथ सदियों से चलने की आदत है ,शायद इससे ज्यादा तरक्की हो।

जब राजे-रजवाड़ों का राज था तब देश सोने की चिडिया कहलाता था।
क्या पता अब भी बन जाए । पर उसके लिए कांग्रेस को
आजादी के बाद वाली गलतियाँ सुधारनी होंगी।
अंग्रेजियत छोड़ कर भारतीयता अपनानी होगी।

2 comments:

  1. बहुत बढ़िया इस प्रकरण पर मैने एक व्यंग्य श्रृंखला लिखी थी. आनन्द उठाएँ।http://girijeshrao.blogspot.com/2009/05/1.html

    http://girijeshrao.blogspot.com/2009/05/2.html

    http://girijeshrao.blogspot.com/2009/05/3_24.html

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  2. आप अपने आस पास की समस्याओं को उठाते रहे हैं। जरा यहाँ आएँ और एक प्रविष्टि प्रतियोगिता के लिए मुझे ई मेल पर भेजें:

    http://girijeshrao.blogspot.com/2009/05/blog-post_31.html

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